एईआरबी का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि भारत में
आयनीकरण विकिरण तथा नाभिकीय ऊर्जा के कारण लोगों के
स्वास्थ्य एवं पर्यावरण को किसी भी प्रकार का अवांछित जोखिम न हो।
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Approvals have to be obtained through eLORA only

eLORA guidelines for Industrial Radiography (5 MB) pdf

औद्योगिक रेडियोग्राफी

उत्‍पादों की संरक्षा/टिकाऊपन को सुनिश्चित करने के लिये धात्विक घटकों व वेल्‍ड जोड़ों में दोषों के अविनाशी परीक्षण के लिये उद्योगों में ‘रेडियोग्राफी’ का प्रयोग किया जाता है। जैसे तेल पाइपलाइनों के परीक्षण को ‘क्षेत्रीय रेडियोग्राफी’ कहा जाता है। रेडियोग्राफी में एक्‍स-रे या गामा किरणों का प्रयोग होता है। एक्‍स-रे रेडियोग्राफी का प्रयोग सामान्‍यत: अचल स्थिति में किया जाता है। यहां उपकरण के चालू होने पर ही विकिरण जोखि़म की संभावना होती है। सीलबंद रेडियोसक्रिय स्रोत वाले औद्योगिक रेडियोग्राफी उपकरण गामा किरणों का उत्‍सर्जन करते हैं तथा सुवाह्य होते हैं। दोनों प्रकार के उपकरणों के कार्मिकों की संरक्षा के लिये अंतर्निहित परिरक्षण प्रदान किया जाता है।

संरक्षा पहलू

उपकरण के गलत प्रहस्‍तन, स्रोत को अनधिकृत व्‍यक्ति द्वारा निकालने अथवा चोरी होने की स्थिति में विकिरण उद्भासन की संभावना होती है। उपयुक्‍त संरक्षण के बिना उच्‍च तीव्रता के गामा स्रोत के प्रहस्‍तन से जलने के गंभीर घाव हो सकते हैं।

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स्रोत का प्रहस्‍तन इस प्रकार नहीं करना चाहिये !!

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इससे जलने के गंभीर घाव हो सकते हैं जैसा कि नीचे दिखाया गया है

एईआरबी द्वारा संरक्षा निगरानी


एईआरबी की संरक्षा निगरानी आवश्‍यकतायें परमाणु ऊर्जा (विकिरण संरक्षण) नियम, 2004 द्वारा नियंत्रित होती है। इसमें विभिन्‍न चरणों में अनुमति जारी करके उपकरण की डिज़ाइन व प्रचालन में संरक्षा सुनिश्चित करना तथा रेडियोग्राफरों को विस्‍तृत प्रशिक्षण प्रदान करना शामिल है।

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महत्‍वपूर्ण जानकारी


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Last Updated: 29-12-2025 02:48:17 PM