एईआरबी का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि भारत में
आयनीकरण विकिरण तथा नाभिकीय ऊर्जा के कारण लोगों के
स्वास्थ्य एवं पर्यावरण को किसी भी प्रकार का अवांछित जोखिम न हो।
National Emblem

एसआरआई के तहत अनुसंधान के क्षेत्र विशेष रूप से इस प्रकार चुने जाते हैं कि वे परमाणु ऊर्जा विभाग की अन्य इकाइयों में जारी अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों के पूरक की भूमिका निभा सकें। आईजीसीएआर परिसर में स्थित इस संस्थान में अति आधुनिकतम प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय का प्रयोग करने की सुविधा भी है साथ ही यहाँ कार्य कर रहे वैज्ञानिक एवं इंजिनियरों की विशेषज्ञता से विचार विमर्श करने का अवसर भी मिलता रहता है ।

  • रिएक्टर भौतिकी के अध्ययन

  • भूकंपीय अध्ययन

  • घटक विफलता दर में डेटाबेस निर्माण

  • परिणाम के विश्लेषण और वायुमंडलीय फैलाव मॉडलिंग

  • परमाणु ऊर्जा संयंत्रों की सुरक्षा प्रणालियों की विश्वसनीयता विश्लेषण

  • निष्क्रिय सिस्टम विश्वसनीयता, सॉफ्टवेयर विश्वसनीयता और मानव विश्वसनीयता के लिए पद्धति का विकास

  • सामान्य मुद्दे

  • विकिरण स्ट्रीमिंग अध्ययन

  • शील्डिंग का प्रचुर अध्ययन

  • विकिरण मात्रामापी

  • परमाणु संयंत्र थर्मल हाइड्रोलिक्स

  • हाइड्रोजन फैलाव मॉडलिंग और प्रबंधन

  • अग्नि संरक्षा

  • घटक सुरक्षा और अवसंरचनात्मक विश्वसनीयता विश्लेषण

  • रिमोट सेंसिंग और भौगोलिक सूचना प्रणाली अनुप्रयोग

    • डिजिटल डेटाबेस और सूचना प्रणाली के प्रदर्शन, डिजाइन और संगठन पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन (ईआईए) से बाहर ले जाने के लिए.
    • परमाणु सुविधाओं की साइटों के लिए डिजिटल डाटाबेस का विकास.

    • सुनामी और परमाणु प्रतिष्ठानों पर आपदा प्रबंधन के लिए आपातकालीन तैयारी योजनाएं

    • सिमुलेशन उपकरण का विकास बाढ़ सैलाब पैटर्न और उनके सत्यापन की भविष्यवाणी करने के लिए.

  • परमाणु संयंत्रों के आसपास समुद्र सतह के तापमान का अध्ययन
  • NORM अपशिष्ट प्रबंधन

  • सॉरबेण्ट का प्रयोग करते हुए रेडियोन्यूक्लियॉड की देख रेख 

  • तरल अपशिष्ट से विषैले जैविक प्रदूषकों का अवक्रमण

  • रेडियोन्यूक्लियॉड्स का फायटोरेमेडिएशन

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Last Updated: 29-12-2025 02:48:17 PM