एईआरबी का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि भारत में
आयनीकरण विकिरण तथा नाभिकीय ऊर्जा के कारण लोगों के
स्वास्थ्य एवं पर्यावरण को किसी भी प्रकार का अवांछित जोखिम न हो।
National Emblem

औद्योगिक और अग्नि सुरक्षा

परमाणु ऊर्जा अधिनियम, 1962 की धारा 23 के अनुसार, परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) की सभी इकाइयों में कारखाना अधिनियम, 1948 के प्रशासन का दायित्व परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (एईआरबी) को सौंपा गया है। तदनुसार, एईआरबी बीएआरसी के अलावा डीएई की अन्य इकाइयों में कारखाना अधिनियम, 1948 और परमाणु ऊर्जा (कारखाना) नियम, 1996 के प्रावधानों को लागू करता है।

एनएफसी, एचडब्ल्यूपी, यूसीआईएल सुविधाएं, अन्वेषण सुविधाएं (एएमडी), वीईसीसी, आरआरसीएटी आदि जैसे परमाणु ईंधन चक्र सुविधाओं, एनपीसीआईएल और भाविनी द्वारा संचालित परमाणु ऊर्जा संयंत्रों और परियोजनाओं, डीएई के अन्य औद्योगिक संयंत्रों (बीएआरसी सुविधाओं को छोड़कर) के अग्नि सुरक्षा पहलुओं को एईआरबी द्वारा विनियमित किया जाता है।

‘निर्माण सुरक्षा – खतरे और सुरक्षा अवरोध’ पर वीडियो

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Last Updated: 10-02-2026 01:31:52 PM