जागरूकता कार्यक्रम
आयनकारी विकिरण स्रोतों का प्रहस्तन, प्रयोग सुनिश्चित करने में अपनी भूमिका, नियामक प्रक्रियाओं व कार्यों तथा संरक्षा आवश्यकताओं के बारे में जनता को जागरूक करने के लिये देश में विभिन्न स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन एईआरबी करता है तथा परमाणु ऊर्जा विभाग व अन्य संस्थाओं द्वारा आयोजित ऐसे कार्यक्रमों में भाग लेता है। देश के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित क्षेत्रीय विकिरण केंद्रों का प्रयोग भी ऐसे कार्यक्रमों के लिये किया जाता है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य शांतिमय व लाभकारी उपयोग के लिये परमाणु ऊर्जा व विकिरण के संरक्षित प्रयोग के बारे में जनता को जागरूक करना तथा सही जानकारी प्रदान करके विकिरण के बारे में भ्रांतियों से उत्पन्न डर को दूर करना है। हाल ही में इन कार्यक्रमों पर काफी बल दिया जा रहा है। यह निर्णय लिया गया है कि इच्छुक व्यक्तियों के लिये एईआरबी की वेबसाइट पर सारी आवश्यक जानकारी उपलब्ध करायी जाये कि परमाणु ऊर्जा व विकिरण के प्रयोग में संरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाती है तथा जनता व पर्यावरण पर इसके प्रभाव को न्यूनतम कैसे रखा जाता है। एईआरबी की वेबसाइट पर इस प्रकार की बहुत सी जानकारी ‘बहुधा पूछे जाने वाले प्रश्न’ (FAQ) के रूप में उपलब्ध करायी गयी हैं। साथ ही केवल एईआरबी द्वारा अनुमोदित एक्स-रे मशीनों के प्रयोग के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिये Also समाचार पत्रों तथा इलेक्ट्रानिक माध्यमों के लिये विज्ञापन भी बनाये गयी है।
एईआरबी द्वारा हाल ही में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम
5 व 6 अगस्त, 2017 को ट्राइडेंट होटल, नरीमन प्वाइंट, मुंबई में आयोजित हस्तक्षेपी कैंसर चिकित्सा “सिनर्जी इंडिया 2017” नामक बहुविषयी कान्फ्रेंन्स के दौरान वहां पर एईआरबी का प्रदर्शनी स्टाल लगाया गया। यह कांफ्रेन्स, सिनर्जी (मियामी, अमेरिका) के सहयोग से “टाटा मेमोरियल सेंटर (TMC)” तथा “इंडियन सोसायटी आफ वैस्कुलर एंड इंटरवेंशनल रेडियोलाजी (ISVIR)” द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की गयी थी। कांफ्रेंस में हस्तक्षेपी रेडियोलाजी क्षेत्र के लगभग 300 व्यवसायिकों ने भाग लिया। एईआरबी को प्रतिभागियों से अच्छी प्रतिपुष्टि प्राप्त हुई। एईआरबी अधिकारियों ने चिकित्सा रेडियोलाजी का नियामक आवश्यकताओं तथा हस्तक्षेपी रेडियोलाजी के विकिरण संरक्षा पहलुओं के बारे में प्रतिभागियों से विचार विमर्श किया।
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